आज बहुत दिनों बाद लौटी हूँ, अच्छा लगा!
अब शायद आपसे मिलती रहूँ......................!!
कुछ नयी रचनाओं के साथ कुछ नए विचारों के साथ!!!
और भी बहुत कुछ है आपसे बांटने के लिए, जल्दी ही मिलेंगे!!!!
वे हथेली पर सरसों उगाने चले हैं। गीत
2 दिन पहले

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